चुनाव के समय मे बात विचार

Devendra Budakoti

Election time debates, discussions and speeches reminds me of my mother who is now around 82 years old, saying that since she became aware, she has been hearing over and over again about- Poverty, Inflation and Unemployment. Politicians, Social Activists and Intellectuals have been harping on these issues for the past decades. The question is how many have given a blueprint for prosperity.

चुनाव के समय मे बात विचार और  भाषानों से मुझे मेरी 82 वर्षीय माँ की कहीं बात याद आती है. वो कहती है की जब से उन्होंने होश संभाला है, वो गरीबी , महगाई और बेरोज़गारी की बाते सुनती आ रही है. नेता, सोशल एक्टिविस्ट और बुद्धिजीवी इन सवालों  पर कही दस्को से बीन बजा रहे है. सवाल यहाँ है की इन मुद्दों पर कितनो ने कोई समृद्धि की रूपरेखा दिया है.

Sociologist- D.K.Budakoti

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Next Post

पी आर डी जवानों ने की प्रशिक्षित जवानों की नियुक्ति की माँग

देहरादून: सोमवार को पीआरडी संगठन के पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पीआरडी जवानों की नियुक्ति पर सवाल खडे़ किए। संगठन के अध्यक्ष प्रमोद मन्द्रवाल ने सरकार पर जवानों की भर्ती में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशिक्षित जवान बेकार बैठे हैं, और सरकार […]