कैंप कार्यालय से देखेंगे मुख्यमंत्री तीरथ सिंह सरकारी कामकाज

-पूजा-अर्चना कर विधिवत रूप से सीएम ने किया कामकाज शुरु

देहरादून:  मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत अब कैंट रोड स्थित कैंप कार्यालय से ही सरकारी कामकाज चलाएंगे। बुधवार को सीएम ने कैंप कार्यालय में पूजा-अर्चना कर विधिवत रूप से कामकाज की शुरुआत की है।

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत आखिरकार कैंट रोड स्थित कैंप कार्यालय में सरकारी कामकाज के लिए तैयार हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने कैंप कार्यालय में पूजा-अर्चना की और विधिवत रूप से सरकारी कामकाज की शुरुआत की ।

कैंट रोड स्थित कैंप कार्यालय और भवन को लेकर कई तरह की धारणाएं रही हैं। माना जाता रहा है कि इस कार्यालय और भवन में रहने वाले मुख्यमंत्री अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते।

ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री आवास में रहने नहीं जाने वाले. हालांकि, उन्होंने इसी भवन में स्थित कैंप कार्यालय में जाकर पूजा-अर्चना की और सरकारी कामकाज संभाल लिया है।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थित मुख्यमंत्री आवास बेहद खूबसूरती से बनाया गया है। एनडी तिवारी के बाद जितने भी मुख्यमंत्री उत्तराखंड में बने हैं वो अपने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं।

इस बंगले से साथ एक मिथक जुड़ा है कि जिस भी मुख्यमंत्री ने इसे अपना आवास बनाया, वो 5 साल पूरा नहीं कर पाया।

इस लिस्ट में बीसी खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, विजय बहुगुणा और अब त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाम भी शामिल है।

हालांकि, हरीश रावत के बारे में यही कहा जाता है कि वह अंत समय तक भी इसमें दाखिल नहीं हुए। उन्होंने बीजापुर में ही अपना आवास बनाकर परिवार को वहीं पर रखा।

मौजूदा मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी पूजा पाठ और धार्मिक मान्यताओं को मानने वाले हैं। ऐसे में उम्मीद यही जताई जा रही है कि वह इस आवास में न रहकर सेफ हाउस और अपने खुद के आवास पर ही रहेंगे।

फिलहाल, तीरथ सिंह रावत का नया ठिकाना सेफ हाउस बना हुआ है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद अभी भी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस आवास को नहीं छोड़ा है।

कहा जा रहा है कि उनके अपने आवास पर अभी रिनोवेशन का काम चल रहा है, जैसे ही वह पूरा होगा त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने घर में प्रवेश करेंगे।

जो भी हो लेकिन बेहद खूबसूरत बना यह मुख्यमंत्री आवास मुख्यमंत्रियों के लिए ही नहीं बल्कि आम जनता के लिए भी चर्चा का विषय जरूर रहता है।

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