गैस एजेंसी स्टाफ ने की वैक्सीनेशन की मांग

देहरादून:  कोरोना की दूसरी लहर के बीच जारी कोविड कर्फ्यू के दौरान लोग अपने घरों में कैद हैं। वहीं दूसरी तरफ इस खतरनाक दौर में भी गैस एजेंसी संचालक और डिलीवरी ब्वॉय लगातार लोगों के घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचाने में जुटे हैं।

ऐसे में कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए गैस एजेंसी संचालकों और गैस डिलीवरी ब्वॉय सरकार से प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन किए जाने की मांग उठा रहे हैं।

गैस एजेंसी संचालक संजय मारवा ने बताया कि कोविड कर्फ्यू के दौर में ऐसा एक भी दिन नहीं, जब वह और उनके साथ के अन्य कर्मचारी एजेंसी न आए हों.

विशेषकर अगर बात डिलीवरी ब्वॉय की करें तो, डिलीवरी ब्वॉय हर दिन लोगों के घरों तक जाकर गैस सिलेंडरों की डिलीवरी कर रहे हैं।

इस स्थिति में कोरोना संक्रमण का खतरा गैस एजेंसी स्टाफ और डिलीवरी ब्वॉय में काफी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए सरकार को गैस एजेंसी स्टाफ और गैस डिलीवरी ब्वॉय का प्राथमिकता के आधार पर कोरोना वैक्सीनेशन करना चहिए।

गैस डिलीवरी मैन रमेश का कहना है कि हर दिन लोगों के घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचाने के लिए वह विभिन्न घरों का रुख करते हैं, हालांकि खुद को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए निरंतर सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन इसके बावजूद संक्रमण का डर सताता रहता है। ऐसे में सरकार को गैस एजेंसी स्टाफ के लिए अलग से व्यवस्था करनी चाहिए।

वहीं जिस तरह अन्य क्षेत्रों के कोरोना वॉरियर्स को कैंप लगाकर टीका लगाया जा रहा है, इसी तरह गैस एजेंसी स्टाफ के लिए भी अलग से कैंप लगाया जाना चाहिए।

गैस एजेंसी स्टाफ और डिलीवरी मैन की समस्या को लेकर आयुक्त खाद्य नागरिक आपूर्ति सुशील कुमार ने बताया कि उनकी ओर से गैस एजेंसी स्टाफ और डिलीवरी मैन के वैक्सीनेशन को लेकर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

ऐसे में उम्मीद की जा सकती है कि जल्द ही जिलाधिकारी अपने अपने स्तर से गैस एजेंसी स्टाफ और डिलीवरी मैन के वैक्सीनेशन की व्यवस्था करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

परेशानियां बढ़ीः बारिश से कई हाईवे और संपर्क मार्ग बाधित

देहरादून:  प्रदेश में मूसलधार बारिश ने परेशानियां बढ़ा दीं हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण हाईवे और संपर्क मार्ग बाधित हो गए। जेसीबी और श्रमिकों की मदद से घंटों मशक्कत कर मार्ग सुचारू कराए गए। दून-मसूरी मार्ग भी भूस्खलन के कारण प्रभावित […]