राज्य में भू कानून लागू किए जाने को लेकर, महिला मंच की पहल पर संयुक्त संगठनों ने की बैठक

Ghughuti Bulletin

देहरादून: उत्तराखंड महिला मंच की पहल पर भू अध्यादेश 2018 को निरस्त करने एवं प्रदेश में हिमाचल क़ी तर्ज पर भू कानून लागू किए जाने को लेकर रविवार को महिला मंच व राज्य आंदोलनकारी मंच ने विभिन्न संगठनों व संस्थाओ के साथ संयुक्त बैठक की। बैठक में भू कानून को लागू किए जाने की मांग पर सभी संगठनों ने सरकार पर दबाव बनाने की बात कही। साथ ही कहा गया कि इसके लिए सभी संगठनों को एक मंच पर आकर संयुक्त होकर लड़ाई लड़नी होगी।

बैठक के दौरान उत्तराखंड महिला मंच की संयोजक निर्मला बिष्ट व जगमोहन सिंह नेगी ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि वर्तमान भू अध्यादेश को निरस्त करने के संघर्ष को बहुत सारे संगठन अपने अपने स्तर पर लड़ रहे है। हमें ये संघर्ष सभी संगठनों को संयुक्त तौर पर लड़ना होगा और इस लड़ाई को मुकाम पर ले जाना होगा।

वहीं उषा भट्ट व इंद्रेश मैखुरी ने कहा कि हमें इसके लिए पृथक उत्तराखण्ड राज्य क़ी तर्ज पर आन्दोलन करना होगा और अपने उत्तराखण्ड का हिमालय तर्ज पर भू कानून लागू करने हेतु सरकार पर दबाव बनाना होगा।

राज्य आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती व गीता गैरोला ने कहा कि हमें सभी संगठन व संस्थाओ को साथ लेकर एक संयुक्त मांग पत्र बनाकर शीघ्र एक बड़ी रैली आयोजित करनी होगी, जिससे सरकार भू कानून समिति बनाए जाने के बजाय एक दिन के लिए विधान सभा का आपात सत्र बुलाए, और तत्काल हिमाचल क़ी तर्ज भू कानून लागू करे। उन्होंने कहा कि यही राज्य आन्दोलन के शहीदों को सच्ची श्रद्धांजली होगी।

आज बैठक के अन्त में सभी के विचार लेने के बाद जो प्रस्ताव पास किये गये उनमें

पहला: भू कानून लागू कराने हेतु भू कानून संघर्ष समिति उत्तराखण्ड के बैनर तले आन्दोलन करने के निर्णय गया।

दूसरा: सभी संगठन व संस्थाओ व राजनैतिक दलों को के साथ मिलकर आगामी 04.अक्टूबर को शहीद स्मारक पर संयुक्त बैठक क़ी जायेगी, जो भू कानून संघर्ष समिति के बैनर तले संयुक्त ज्ञापन तैयार कर आगामी रैली निकालने पर भी निर्णय लिया जायेगा।

तीसरा: कोई भी मूल निवासी भूमि हीन और आवास हीन नही होना चाहिये।

चौथा; 2018 के अध्यादेश को निरस्त किया जाए एवं धारा 371 की समस्त धाराओं के अंतर्गत विशेषाधिकार लागू किए जाएं।

पांचवां: 1964 के बाद हुआ भू बंदोबस्त 2004 में समाप्त हो गया है। पुनः भू बंदोबस्त कर.भूमि सुधार किया जाएं।

छटवां: 2018 के कानून बनाने के बाद सरकार ने जितनी जमीन खरीदी व बेची गई उसका श्वेत पत्र लागू किया जाए।

सातवां: धारा 371 की समस्त धाराओं के अंतर्गत विशेषाधिकार लागू किए जाएं

आठवां: सारे संगठन मिल कर बड़ी रैली कर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।

संयुक्त बैठक में महिला मंच क़ी निर्मला बिष्ट, गीता गैरोला, राज्य आंदोलनकारी मंच प्रदेश (सी पी आई .एम एल) के इंद्रेश मैखुरी, अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती एवं उत्तराखंड क्रांति दल से दीपक रावत, अखिल गढ़वाल सभा रोशन धस्माना, कामरेड जगदीश कुकरेती, गजेंद्र भंडारी, युवा शक्ति संगठन से मनीष पांडे, आशीष, सागर भंडारी, गैरसैंण राजधानी निर्माण मंच तथा आर टी आई लोक सेवा से मनोज ध्यानी, अम्बुज शर्मा, पूरण सिंह लिंगवाल, पुष्पलता सिल्माणा, शांता नेगी, सरोज उनियाल आदि मौजूद रहे।

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