सागर हत्याकांडः सुशील कुमार को रिमांड पर हरिद्वार से पंजाब ले गई पुलिस

Ghughuti Bulletin

हरिद्वार:  पहलवान सागर धनकड़ हत्याकांड मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद टीम सुशील कुमार को बेहट सहारनपुर होते हुए पंजाब ले गयी। इससे पहले टीम पहलवान सुशील कुमार लेकर हरिद्वार पहुंची थी।

मिली जानकारी के अनुसार सुशील हत्या करने के बाद सबसे पहले हरिद्वार ही पहुंचा था। ऐसे में दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सुशील कुमार को लेकर हरिद्वार पहुंची थी। हालांकि हरिद्वार पूरे मामले में कुछ बताने से बच रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सागर धनकड़ की हत्या के बाद सुशील कुमार ने हरिद्वार में कुछ संतों के यहां शरण ली थी। सुशील कुमार का मोबाइल भी हरिद्वार में ही स्विच ऑफ हुआ था।

दिल्ली क्राइम ब्रांच सुशील कुमार का मोबाइल भी बरामद करने की कोशिश करेगी। इसके साथ ही दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि सुशील कुमार को हरिद्वार में कुछ बड़े संतों ने छुपने में मदद की थी। साथ ही कई ऐसे बड़े नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनकी मदद सुशील कुमार ने ली थी। जानकारी के मुताबिक, सुशील कुमार दिल्ली पुलिस को सही बयान नहीं दे रहा है, वो लगातार पुलिस को गुमराह कर रहा है।

दिल्ली पुलिस सुशील का मोबाइल भी बरामद नहीं कर पाई है। सुशील कुमार का मोबाइल बरामद होते कई बड़े राज भी खुल सकते हैं, इसी कारण दिल्ली क्राइम ब्रांच द्वारा सुशील कुमार को हरिद्वार लाया गया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम सुबह से अभीतक कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच सुशील कुमार को हरिद्वार में उन ठिकानों पर लेकर जाएगी, जहां पर वो छुपा था। पूरे मामले में उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने अभी तक उत्तराखंड और हरिद्वार पुलिस से किसी तरह का कोई संपर्क नहीं किया है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस द्वारा सुशील कुमार को हरिद्वार या अन्य जगह लाने के संबंध में अभी तक पुलिस से कोई बातचीत या मदद भी नहीं मांगी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सरकार से राहत न मिलने से बस मालिकों ने परमिट किए समर्पण

ऋषिकेश:  कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवहन व्यवसायियों को सरकार से राहत की बड़ी उम्मीद थी। कैबिनेट की बैठक में इसे लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया। मजबूरन यहां की प्रमुख परिवहन कंपनियों के अंतर्गत संचालित होने वाली बसों के मालिकों ने परिवहन कार्यालय जाकर अपने परमिट […]