बसंत पंचमी पर राधाकृकृष्ण और शालिग्राम का विशेष श्रृंगार किया गया

देहरादून:  भवन श्री कालिका माता मंदिर में आज बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आज 7ः30 बजे मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश ममगाईं द्वारा विष्णु सहस्रनाम व गायत्री यज्ञ कराया गया।

साधना कक्ष में विराजमान राधा कृष्ण व शालिग्राम भगवान का विशेष अभिषेक मंदिर के ट्रस्टियों द्वारा किया गया। जिसमें दूध, दही, घी, बूरा, शहद, व वृन्दावन से लाया गया।

यमुना जल से अभिषेक किया गया। अपार भत्तफ समूह द्वारा श्री कृष्ण स्रोत, विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया गया।

समुचित भक्त समाज को आज लड्डू गोपाल व राधा कृष्ण के विग्रहों का अभिषेक होते हुए दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

सभी भत्तफों को पीले रंग के रुमाल वितरण किए गए। प्रमोद श्रीवास्तव व साथियों द्वारा भजन कीर्तन का कार्यक्रम हुआ जिसमें अनेकों भजन गाकर सभी भत्तफ विभोर हो गए।

प्रातः 10ः00 बजे ठाकुर जी की आरती हुई व पीले चावल व हलवा खीर भत्तफों को प्रसाद रूप में वितरण किया गया। 10ः30 बजे मां कालिका धर्मार्थ औषधालय का 50वां वार्षिकोत्सव मनाया गया।

जिसमें मंदिर के समस्त डॉक्टर व स्टाफ मेंबर को उपहार भेंट व प्रसाद वितरण किया गया।
विदुर क्षेत्रों से पधारे संतो द्वारा प्रातः मां कालीका सत्संग भवन में सत्संग का कार्यक्रम हुआ जिसमे भत्तफों के कल्याण व सामाजिक कार्य, सतमार्ग पर चलने का मार्ग बताया।

इस अवसर पर ट्रस्टी गगन सेठी, रमेश सहानी, प्रधान नरेश मैनी , अशोक लांबा, कमल स्वरुप जिंदल, शैंकी डोरा, उमेश मरवाह, सतीश कक्कर, अनिरुद्ध गुप्ता, संजय आनंद, विजय अरोरा, सतीश मेहता, राजीव तनेजा, प्रेम आनंद, राम स्वरुप भाटिया, कुंवर राजेंदर वर्मा, सिद्धार्थ आनंद, मुरली चांदना, संजय चांदना, कीमत गुलाटी, राम भाटिया, श्याम अरोरा, प्रदुमन मैनी, केवल आनंद, महेश डोरा, मोहित बांगा,, ध्रुव दंदकं, गोपाल शर्मा, महेश ग्रोवर, भूषण लाल आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

संदिग्ध परिस्थितियों में कर्मचारी की मौत

उत्तरकाशी:  जिले के पुरोला में केदार कांठा ट्रैक पर बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में गोविंद वन्य जीव विहार के एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। शाम छह बजे ग्रामीणों को इस मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पुरोला गांव निवासी रवींद्र असवाल (45) का शव वन्य […]