एनिमेशन के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति ,संस्कार, प्रकृति और पर्यावरण के बारे में बताएं: स्वामी चिदानंद

Ghughuti Bulletin

ऋषिकेश: आज अंतरराष्ट्रीय एनिमेशन दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि एनीमेशन एक उत्कृष्ट कला है। इसके द्वारा कलाकार अपनी प्रतिभा से दृश्यों को जीवंत बनाते हैं।

स्वामी ने कहा कि बच्चे एमिनेशन फिल्मों को अत्यधिक देखते हैं, उससे प्रभावित भी होते हैं। एनिमेशन के माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति, संस्कार, प्रकृति और पर्यावरण से जोड़ा जा सकता है। साथ ही हम अपने ग्रंथों, पर्वो, पौराणिक साहित्य से जोड़ने के लिएभी एनिमेशन का उपयोग कर सकते हैं।

स्वामी ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों तक हमारी मूल्यवान परंपराओं को पहुंचाने और जीवंत बनाये रखने के लिए हमें उन्हें नई तकनीक से जोड़ना और उसका संरक्षण करना जरूरी है। हमारी संस्कृति, संस्कार और प्राकृतिक विरासतों को संरक्षित करने के लिए विज्ञान और तकनीक से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। इन सूत्रों से युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिये उन्हें कहानियों, कथाओं, एनिमेशन फिल्मों के माध्यम से संदेशों को प्रसारित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उत्तराखंड सरकारी स्कूलों में एक नवंबर से फिर से पकेगा भोजन, पौष्टिकता और गुणवत्ता की नियमित होगी जांच

सरकारी स्कूलों में पकने वाले भोजन की पौष्टिकता और गुणवत्ता की नियमित रूप से जांच की जाएगी। इसके साथ ही हर जिले में छात्रों को दिए जा रहे भोजन और भोजन वितरण के नेटवर्क का सोशल आडिट भी अनिवार्य हो गया है। देहरादून: उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में पकने वाले […]