ग्रामीणों ने बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट लगाने का किया विरोध

Ghughuti Bulletin

देहरादून:  डोईवाला ब्लाक के कोड़ारना ग्राम पंचायत में एक निजी कंपनी बायो मेडिकल का वेस्ट प्लांट लगाने की तैयारी कर रही थी। ग्रामीण शुरू से ही इसका विरोध कर रहे हैं। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जन सुनवाई का कार्यक्रम रखा गया। जिसमें एक दो लोगों को छोड़कर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्लांट लगाने का विरोध किया।

ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र में बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट नहीं लगाने देंगी, चाहे इसके लिए उन्हें कुछ भी करना पड़े पीछे नहीं हटेंगी।ग्रामीणों का कहना है कि इस प्लांट के लगने से उनके क्षेत्र की खूबसूरती पर ग्रहण लग जाएगा. पर्यावरण को भारी नुकसान के साथ-साथ बीमारी का खतरा भी बढ़ जाएगा। वहीं उनके क्षेत्र में इस प्लांट के लगने के बाद पर्यटन की संभावनाएं समाप्त हो जाएंगी।

और रोजगार मिलने के बजाय युवा बेरोजगार हो जाएंगे। वहीं, उनकी खेती और जमीन खराब हो जाएंगे. प्लांट के लगने से पानी की समस्या भी पैदा हो जाएगी। ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट का विरोध किया। ग्रामीणों ने आगे कहा कि प्लांट को लगाने से पहले कंपनी मालिकों ने ग्रामीणों को विश्वास में नहीं लिया और ग्रामीणों को सही जानकारी देने के बजाय गलत जानकारी दी गई।

एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने बताया कि प्लांट लगाने के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया। वातावरण पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा और ग्रामीणों को इससे क्या नुकसान होगा लोगों का मत जानने के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम रखा गया. लोगों के विचार लिए गए। ग्रामीणों द्वारा जो भी विचार रखे गए हैं उसको रिपोर्ट के आधार पर शासन को भेज दिया जाएगा। प्लांट लगाने के लिए भारत सरकार से अनुमति प्रदान होती है और ग्रामीणों के विचार सुनकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाती ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश से बढ़ी ठंड

देहरादून:  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में पिछले 24 घंटे से बर्फबारी जारी रही। मौसम में आए अचानक बदलाव के बाद केदारनाथ, बदरीनाथ समेत ऊंची चोटियों में बर्फबारी हुई। बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हो रही बर्फबारी से मैदानी इलाकों में एक बार फिर […]